कमला नेहरू कॉलेज में कॉलेज दिवस 2025 का भव्य आयोजन
मुख्य अतिथि श्री हर्ष मल्होत्रा ने छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कॉलेज की भूमिका की सराहना की और महिलाओं की असीम क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा, “महिलाएं क्या नहीं कर सकतीं?” उन्होंने भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने के लक्ष्य के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटने के महत्व पर जोर दिया।
कमला नेहरू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने 21 नवंबर 2025 को अपने वार्षिक कॉलेज दिवस 2025 का भव्य आयोजन कॉलेज सभागार में किया, जिसमें छात्राओं, संकाय सदस्यों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री, श्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह में विशेष महत्त्व जोड़ा। यह आयोजन कॉलेज की अकादमिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक उत्कृष्टता और परिसर समुदाय में एकता तथा विकास की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संगीत सोसायटी ‘संगीतिका’ द्वारा सरस्वती वंदना के मधुर गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन और दिल्ली विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का औपचारिक स्वागत और सम्मान किया गया, जिसने कार्यक्रम के वातावरण को गरिमामय बनाया। कॉलेज की प्राचार्या, प्रो. पवित्रा भारद्वाज ने अपने नेतृत्व के प्रथम वर्ष में कॉलेज की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी ।
उन्होंने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पिछले वर्ष में कॉलेज द्वारा प्राप्त प्रगति, नए शैक्षणिक सहयोगों और परिसर में हुए महत्वपूर्ण विकास की जानकारी साझा की। मुख्य अतिथि श्री हर्ष मल्होत्रा ने छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कॉलेज की भूमिका की सराहना की और महिलाओं की असीम क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा, “महिलाएं क्या नहीं कर सकतीं?” उन्होंने भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने के लक्ष्य के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटने के महत्व पर जोर दिया।
कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष, प्रो. मनोज प्रसाद ने भी कॉलेज के समर्पित प्रयासों और प्रगति की सराहना की तथा निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कॉलेज ने शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनकी दीर्घकालिक सेवा और योगदान के लिए सम्मानित किया।
संकाय सदस्यों में प्रो. मधु खन्ना 40 वर्षों से , डॉ. भारती दवे 35 वर्षों से और डॉ. ममता भूषण को 25 वर्षों से अधिक की सेवा के लिए सम्मानित किया गया, जबकि गैर- शैक्षणिक स्टाफ से श्रीमती गीता मुलिक को 35 वर्षों की निष्ठापूर्ण सेवा के लिए सम्मान मिला। छात्राओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों का भी सम्मान किया गया, जिसमें काजल मिश्रा को ‘ऑल राउंडर स्टूडेंट’ (2024-25) और श्रद्धा श्रीवास्तव को ‘मोस्ट टैलेंटेड स्टूडेंट’ (2024-25) से सम्मानित किया गया।
विभिन्न विषयों के मेधावी छात्रों को भी अकादमिक पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण के पश्चात शास्त्रीय और लोक नृत्य सोसायटी ‘नूपुर’ ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति के माध्यम से कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा भरी। इसी दौरान कॉलेज के नवीनतम प्रकाशनों का भी विमोचन किया गया, जिनमें अकादमिक कार्य, रचनात्मक लेखन और विभागीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है। समारोह का समापन छात्र संघ की अध्यक्ष , राजेश्वरी शेल्के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन कस्तूरी, तनुशका, कनिष्का और शिवांगी ने सफलतापूर्वक किया । कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।