‘पद्म भूषण’ से सम्मानित हुए वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय, गृह मंत्रालय ने किया औपचारिक सम्मान
वरिष्ठ पत्रकार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय को ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें आईजीएनसीए कार्यालय में यह सम्मान औपचारिक रूप से सौंपा।
नई दिल्ली, 18 जून। देश के प्रख्यात पत्रकार, विचारक और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) न्यास के अध्यक्ष रामबहादुर राय को बुधवार को भारत सरकार की ओर से ‘पद्म भूषण’ सम्मान औपचारिक रूप से प्रदान किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के महानिदेशक सतपाल चौहान ने आईजीएनसीए कार्यालय पहुंचकर राय को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र (सनद) और पदक सौंपा। गौरतलब है कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म सम्मान समारोह में वे निजी कारणों से शामिल नहीं हो सके थे।
इस अवसर पर गृह मंत्रालय के निदेशक प्रदीप कुमार पांडेय समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस समारोह में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष पांडेय, हेमंत शर्मा, संतोष भारतीय, एसजीटी विश्वविद्यालय के ट्रस्टी मनमोहन सिंह चावला, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री विजय मिश्रा, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अनिल राय, तथा कई बुद्धिजीवी और विशिष्टजन शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान अनुराग पुनेठा ने भारत सरकार की ओर से तैयार प्रशस्ति पत्र का पाठ किया, जबकि आईजीएनसीए की ओर से प्रो. रमेश चंद्र गौड़ ने सभी का आभार जताया।
सम्मान स्वयं सम्मानित हुआ है- हेमंत शर्मा
इस मौके पर नजीब जंग ने कहा, “राय साहब हम सबके प्रेरणास्रोत हैं। वे दीर्घायु हों और देश को सतत मार्गदर्शन देते रहें।”वहीं, वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने सुझाव दिया कि “रामबहादुर राय के जीवन और विचारों पर एक पुस्तक प्रकाशित की जानी चाहिए, जिससे भावी पीढ़ियां प्रेरणा ले सकें।”वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने कहा, “उन्हें यह सम्मान मिलना, सम्मान की गरिमा को ही और ऊंचा करता है। वे न सिर्फ पत्रकारिता के योद्धा हैं, बल्कि आपातकाल में लोकतंत्र की लड़ाई के अगुवा भी रहे।”
विचार और आंदोलन के प्रतीक पुरुष रामबहादुर राय विगत चार दशकों से पत्रकारिता, बौद्धिक विमर्श और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। ‘हिंदुस्थान समाचार’ से अपने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत करने वाले राय ने 'जनसत्ता', 'नवभारत टाइम्स', 'यथावत', 'प्रथम प्रवक्ता' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में संपादक और स्तंभकार की भूमिका निभाई।
उन्होंने ‘कहत कबीर’, ‘पड़ताल’ जैसे चर्चित कॉलम लिखे और 'राष्ट्रीय सहारा', 'अमर उजाला', 'प्रभात खबर', 'राजस्थान पत्रिका' और 'बीबीसी' के लिए भी विश्लेषण प्रस्तुत किए। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की डिग्री प्राप्त की है। वे जेपी आंदोलन के सक्रिय सिपाही रहे और आपातकाल में मीसा (MISA) के तहत जेल गए।
वर्तमान भूमिकाएं और संस्थागत योगदान राय वर्तमान में आईजीएनसीए न्यास के अध्यक्ष और श्री गुरु गोबिंद सिंह त्रिशताब्दी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम के कुलाधिपति हैं। वे प्रभाष परंपरा न्यास के प्रबंध न्यासी, दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद के सदस्य, गांधी समाधि समिति, और सर्वश्रेष्ठ सांसद चयन समिति के सदस्य भी हैं। उन्हें अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा द्वारा डी.लिट्. की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका है।