अपने भीतर के पत्रकार को कभी मरने मत देना, कुलपति विजय मनोहर तिवारी का संदेश

वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण दुबे ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी सरकार और समाज के बीच पुल की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में सिर्फ प्रचार ही नहीं, बल्कि संकट प्रबंधन की जिम्मेदारी भी पीआरओ के कंधों पर होती है।

अपने भीतर के पत्रकार को कभी मरने मत देना, कुलपति विजय मनोहर तिवारी का संदेश

 भोपाल, 20 जून। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गुरुवार को मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के नवीन सहायक जनसंपर्क अधिकारियों के लिए शुरू हुई पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ कुलपति विजय मनोहर तिवारी, अपर संचालक गुरमीत सिंह वाधवा, उप संचालक अवनीश सोमकुंवर और ऋषभ जैन ने किया।शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों में "जन" शब्द जुड़ा है, इसलिए उन्हें जनता के प्रति विशेष जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पीआरओ जब लिखे, तो अपने भीतर के पत्रकार को कभी मरने न दें, उसे हमेशा जागृत रखें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अच्छा लेखन तभी संभव है जब हम अच्छा पढ़ें। पढ़ने की आदत विकसित कर आप जनता से जुड़ी कहानियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं।

यूनिक खबरें देने का प्रयास करें

उन्होंने कहा कि अगले 25 साल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और आज के पीआरओ की भूमिका 2047 के भारत के निर्माण में अहम होगी। विजय मनोहर तिवारी ने सलाह दी कि जनसंपर्क अधिकारी अपने जिले के इतिहास, संस्कृति, विशेषताओं की जानकारी रखें और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषयों पर लेखन करें। मीडिया से समन्वय और रचनात्मक खबरों पर ज़ोर जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक गुरमीत सिंह वाधवा ने कहा कि पीआरओ को रूटीन खबरों से इतर कुछ हटकर, रचनात्मक और यूनिक खबरें देने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज जनसंपर्क 24x7 की जिम्मेदारी बन चुका है, इसलिए सोशल मीडिया के दौर में अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता ज़रूरी है। ब्रिज की भूमिका निभाएं पीआरओ वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण दुबे ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी सरकार और समाज के बीच पुल की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में सिर्फ प्रचार ही नहीं, बल्कि संकट प्रबंधन की जिम्मेदारी भी पीआरओ के कंधों पर होती है। उन्होंने नवीन अधिकारियों को केस स्टडी पढ़ने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने दी अहम जानकारियां प्रशिक्षण कार्यशाला के अन्य सत्रों में सी. के. शर्मा ने मध्यप्रदेश की भौगोलिक जानकारी, जनसंख्या और क्षेत्रफल से जुड़ी जानकारी दी।

कमलेश माहेश्वरी ने सोशल मीडिया प्रबंधन पर अपने विचार रखे। मनोज श्रीवास्तव ने कृषि विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी निदेशक प्रशिक्षण जया सुरजानी ने किया और कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, परीक्षा नियंत्रक, प्रवेश प्रभारी और जनसंपर्क अधिकारी सहित सभी प्रशिक्षु एपीआरओ उपस्थित रहे।